
मुंह से ‘धांय-धांय’ करने वाली मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस की विज्ञप्ति में धाराओं का ‘एनकाउंटर’!
कभी मुठभेड़ की तारीख गलत, कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस का बुलावा समय निकलने के बाद; अब दुष्कर्म और प्रयास के कानूनी अंतर में उलझी पुलिस की विज्ञप्ति! तथ्यों की नसीहत देने वाले महकमे से सवाल, प्रेस नोट जांचता कौन है? अमित सैनी, प्रधान संपादक की कलम से… मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस आजकल गजब के कारनामे कर रही है। अपराधियों को मुंह से ‘धांय-धांय’ करके जवाब देने वाले पुलिस महकमे की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों में अब कानून की धाराओं का ही एनकाउंटर होता दिखाई दे रहा है। कभी दो बजे की प्रेस कॉन्फ्रेंस का निमंत्रण दो बजकर एक मिनट पर भेजा जा रहा है, तो कभी रात में हुई






















