उत्तर प्रदेशभारत

जमीन विवाद में दरोगा की पीटकर हत्या- केस दर्ज

Inspector wearing white shirt
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सहजनवां इलाके के भीटी रावत में दरोगा (प्रधान बंदी रक्षक) वीरेंद्र यादव की जान महज चार टोकरी मिट्टी के चक्कर में चली गई। विवादित जमीन से इतनी ही मिट्टी लेने के लिए आरोपी गए थे और एक पड़ोसी के विरोध के बाद वीरेंद्र पहुंच गए और मारपीट में ही उनकी जान चली गई। अभी चंद दिनों पहले ही वह ओपन हार्ट सर्जरी कराए थे, इस वजह से मौत की वजह हार्ट अटैक का आना भी बताया जा रहा है।

क्योंकि, शरीर पर कोई गंभीर चोट के निशान नहीं हैं, लेकिन पुलिस ने भाई की तहरीर के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

गांव में दरोगा वीरेंद्र यादव और उनके पड़ोसी सत्यपाल के मकान के बीच में एक जमीन है। यह जमीन विद्यालय की बताई जाती है, लेकिन दोनों ही इसे अपना बताते हैं। एक साल पहले जमीन पर कब्जा करने के नीयत से ही सत्यपाल यादव पक्ष के लोगों ने एक ट्राॅली मिट्टी उस गिरवा दी थी।

अभी उस पर कुछ काम करा पाते कि इसके पहले ही विवाद हो गया और फिर न तो आगे मिट्टी ही गिरी और न ही कोई काम हो सका। तभी से इस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। बताया गया कि सत्यपाल के घर पर कुछ काम चल रहा है, जिसके लिए कुछ मिट्टी की जरूरत थी। इसी वजह से शनिवार को सत्यपाल के घर के लोग चार टोकरी मिट्टी लेने के लिए पहुंचे थे।

दो टोकरी मिट्टी लेकर चले भी गए थे, लेकिन तभी वीरेंद्र के पड़ोसी को इसकी जानकारी हो गई और वह मौके पर जाकर मिट्टी ले जाने से मना करने लगे। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच में धक्का-मुक्की होने लगी। जानकारी होने पर घर पर ही मौजूद वीरेंद्र यादव भी पहुंच गए और मिट्टी ले जाने का विरोध करने लगे।

इस पर ही दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी तो वीरेंद्र बीच-बचाव करने लगे। इसका घटनास्थल पर मौजूद एक शख्स ने वीडियो भी बना लिया। इसी बीच एक डंडा लगा और वीरेंद्र यादव जमीन पर गिर गए। शरीर पर गंभीर चोट के निशान तो नहीं है, लेकिन जमीन पर गिरता देखकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।

वीरेंद्र के घरवालें उन्हें लेकर नर्सिंग होम लेकर चले गए। गंभीर हालत में भर्ती वीरेंद्र की कुछ देर बाद ही मौत हो गई। इसके बाद ही घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही हत्या, मारपीट, बलवा का केस दर्ज कर लिया है। वीरेंद्र के दो बच्चे हैं, जिसमें एक पुत्र और एक पुत्री है। पुत्र की शादी हो गई थी।

27 फरवरी को हुई थी ओपन हार्ट सर्जरी

दरोगा वीरेंद्र यादव की तबीयत ठीक नहीं थी। 27 फरवरी को ही उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। इसी वजह से वह घर पर ही थे। छुट्टी में आए वीरेंद्र यादव शनिवार को घर के बाहर ही टहल रहे थे, जिस वजह से थोड़ी ही देर में मौके पर पहुंच गए थे और बीच-बचाव में उनकी जान चली गई।

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