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Ranji Trophy: 20 चौके और 12 छक्के मारकर रचा इतिहास, मुंबई के 10वें और 11वें नंबर के बल्लेबाज ने ठोकी सेंचुरी

Tushar Deshpande And Tanush Kotian
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 रणजी ट्रॉफी में मुंबई की टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम मुंबई ने मैच के आखिरी दिन बड़ौदा के खिलाफ कमाल कर दिया। टीम के लिए नंबर 10 और नंबर 11 पर खेलने वाले बल्लेबाजों ने शतक ठोक दिया। स्पिन गेंदबाज तनुश कोटियन टीम के लिए 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। वहीं 11वें नंबर पर उतरते हुए तुषार देशपांडे ने शतकीय पारी खेली। यह मैच अंत में ड्रॉ रहा और पहली पारी में लीड लेने की वजह से मुंबई को सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। पहली पारी में शतक लगाने वाले मुशीर खान प्लेयर ऑफ द मैच बने।

10वें विकेट के लिए जोड़े 232 रन

तुषार देशपांड ने 129 गेंद पर 10 चौके और 8 छक्के की मदद से 123 रनों की पारी खेली। कोटियन के बल्ले से 129 गेंद पर ही 120 रनों की पारी निकली। उन्होंने 10 चौके और 4 छक्के मारे। मुंबई को 337 के स्कोर पर 9वां झटका लग गया था। टीम की पारी 569 रन पर सिमटी। दोनों बल्लेबाजों ने 40 ओवर में 232 रनों की साझेदारी बनाई। तुषार आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुए।

सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सिर्फ दूसरी पारी नंबर 10 और नंबर 11 के बल्लेबाज ने एक साथ शतकीय पारी खेली है। इससे पहले 1946 में भारत की जोड़ी ने ही ऐसा किया था। सरे के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में भारत के चंदू सरवटे और शुते बनर्जी ने शतक ठोका था। तब दोनों ने आखिरी विकेट के लिए 249 रनों की साझेदारी बनाई थी।

रणजी में नंबर 11 का सबसे बड़ा स्कोर

तुषार देशपांड रणजी ट्रॉफी में नंबर 11 पर बैटिंग करते हुए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। अभी तक यह रिकॉर्ड तमिलनाडु के वी सिवारामाकृष्णन के नाम था। उन्होंने 2001 में दिल्ली के खिलाफ 115 रनों की पारी खेली थी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में तुषार 11 नंबर पर खेलते हुए शतक बनाने वाले 13वें बल्लेबाज हैं। आखिरी बार 2004/05 में पाकिस्तान की घरेलू क्रिकेट में अली रजा ने यह कारनामा किया था। ऑस्ट्रेलिया के थॉमस हैस्टिंग्स ने पहली बार नंबर 11 पर खेलते हुए शतक बनाया था। उन्होंने 1903 में विक्टोरिया के लिए यह कारनामा किया था।

 

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